फिटकरी (ALUM) के ये फायदे जानकर आप हैरान रह जायेगे


बरसो से हमारे घरो में फिटकरी केवल शेविंग बॉक्स में ही मिलती है इसका सबसे जायदा प्रयोग सेविंग के बाद चेहरे पैर लगाने क काम अति है पर क्या आप फिटकरी के कुछ बेहतरीन फायदे जानते है

फिटकरी क ये फायदे जानकर आप हैरान रह जायेगे

1. पसीने की बदबू दूर करने में उपयोगी ( पसीना आने की समस्या Sweating Problem)
यदि आपको पसीना अधिक आता है और आपके शरीर से पसीने की बदबू आती है तो फिटकरी इसके लिए रामबाण है । इस समस्या को दूर करने के लिए आप फिटकरी का महीन चूर्ण बना लें और नहाने से थोड़ा पहले फिटकरी चूर्ण अपने नहाने के पानी में मिलाएं । इससे आपको पसीना भी काम आएगा और बदबू की समस्या सदा के लिए समाप्त हो जाएगी ।

2. दांतों की समस्या का कारगर समाधान ( permanent solution of teeth problem )
दांत में दर्द हो तो फिटकरी और काली मिर्च बराबर मात्रा में पीस कर इसे लगाएं। इससे दर्द कम हो जाता है।  ये एक नेचुरल माउथवॉश है. दांत दर्द होने पर फिटकरी के पानी से गार्गल करना फायदेमंद रहता है.

3. चेहरे की झुर्रियों को दूर करने में मददगार
यदि आपके चहरे पर झुर्रिया आ गई है तो आपके लिए फिटकरी का पानी बहुत उपयोगी रहेगा। इसके लिए आप फिटकरी के बड़े से टुकड़े को गीला कर के अपने चहरे पर हल्के से मलें और कुछ समय बाद में अपने चहरे को साफ़ पानी से धो लें। इससे आपके चेहरे पर झुर्रियां नहीं आ पाएंगी

4. दस्त और पेचिश  Diarrhea and dysentery trouble
दस्त और पेचिश की परेशानी से बचने के लिए 1-2 चुटकी भुनी हुई फिटकरी को गुलाबजल के साथ मिलाकर पीने से खूनी दस्त आना बंद हो जाते हैं।

5. जननांगों की खुजली। Itching of the genitals.
खुजली वाली जगह को फिटकरी वाले पानी से धोये और फिर उसपर थोड़ा सरसो का तेल लगा ले रहत मिलेगी

6. खूनी बवासीर: Bloody piles
खूनी बवासीर हो और गुदा बाहर आती हो तो फिटकरी को पानी में घोलकर गुदा में पिचकारी देने से लाभ प्राप्त होता है। एक गिलास पानी में आधा चम्मच पिसी हुई फिटकरी मिलाकर प्रतिदिन गुदा को धोयें तथा साफ कपड़े को फिटकरी के पानी में भिगोकर गुदे पर रखें।
भूनी फिटकरी 10 ग्राम, रसोत 10 ग्राम और 20 ग्राम गेरू को पीस-कूट व छान लें। इसे लगभग 3-3 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम खाने से खूनी तथा बादी बवासीर में लाभ मिलता है।

7. दांतों का दर्द Toothache
यदि आपके मुंह में बदबू आती है या आपके दांत में दर्द है तो फिटकरी आपके लिए बहुत उपयोगी है। असल में फिटकरी एक नेचुरल माउथ वाश है और दांत दर्द में इससे गार्गल करना बहुत लाभदायक होता है।

8. चोट लगने पर
यदि चोट या खरोंच लगकर घाव हो गया हो और उससे खून बह रहा हो तो घाव को फिटकरी के पानी से धोने के बाद उस पर फिटकरी का चूर्ण बुरकने से खून बहना बंद हो जाता है।
फिटकरी को तवे पर डालकर गर्म करके राख बना लें। इसे पीसकर घावों पर बुरकाएं इससे घाव ठीक हो जाएंगे। घावों को फिटकरी के घोल से धोएं व साफ करें।
5 ग्राम फूली फिटकिरी का चूर्ण बनाकर देशी घी में मिला दें, फिर उसे घाव पर लगायें। इससे घाव ठीक हो जाता है।

9. दांतो के कीड़े और मुँह की बदबू दूर करने में लाभदायक
फिटकरी को गर्म पानी में घोलकर प्रतिदिन सुबह-शाम कुछ दिनों तक लगातार कुल्ला करने से दाँतों के कीड़े ख़त्म हो जाते हैं व मुँह की बदबू दूर हो जाती है।

10. यूरिन इंफेक्शन होने पर, जनन अंगो में संकर्मण या इन्फेक्शन होने पर
गुप्त अंगो पैर किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन हो फटकारी के पानी से प्रतिदिन सफाई करने से इन्फेक्शन ख़तम हो जाता है फटकारी क पानी से सफाई करने क बाद नारियल का तेल लगा ले इन्फेक्शन से सदा के लिए छुटकारा मिल जायेगा.

जामुन के इतने फायदे सुनकर आप हैरान रह जायेगे


बारिश के मौसम में जामुन खाने के हैं ये बेहतरीन फायदे Jamun Benefits And Side Effects In Hindi



जामुन एक मौसमी फल है. खाने में स्वादिष्ट होने के साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी हैं. जामुन अम्लीय प्रकृति का फल है पर यह स्वाद में मीठा होता है यही कारण है कि जामुन को नमक के साथ खाया जाता है।. जामुन में भरपूर मात्रा में ग्लूकोज और फ्रुक्टोज पाया जाता है. जामुन में आयरन, विटामिन और फाइबर भी पाया जाता है इसमें खनिजों की मात्रा अधिक होती है।इसके बीज में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और कैल्शियम पाया जाता है। जामुन में लगभग वे सभी जरूरी लवण पाए जाते हैं जिनकी शरीर को आवश्यकता होती है.

इसका वैज्ञानिक नाम  Syzygium cumini है। जामुन गर्मियों में मिलने वाला फ्रूट है। यह सेहत के लिए बहुत उपयोगी है। जामुन के साथ-साथ इसकी गुठली और इसकी पत्तियां भी कई सारे रोगों को ठीक करने में उपयोगी होता है। इसका वृक्ष भी आम के वृक्ष जैसा होता है।  जामुन का रंग काला और बैंगनी होता है। यह मुख्यतः भारत और दक्षिण एशिया में पाए जाने वाला फल है। अन्य फल के मुकाबले इसमें कैलोरी कम पाया जाता है।
खनिज की मत्रा जामुन में अधिक होती है।
 
Jamun Fruit में फाइबर, आयरन और विटामिन इत्यादि होता है। इसका बीज भी बहुत ही काम का होता है। जामुन के बीज में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट और कैल्शियम होता है। यह फ्रुक्टोज और ग्लूकोस का बेहतरीन श्रोत है।

जामुन की गुठली के फायदे मधुमेह में – Jamun Benefits For Diabetes In Hindi

1.            जामुन एक ऐसा फल है जिसे मधुमेह रोगी बिना किसी परेशानी के खा सकते हैं। जामुन रक्त में शक्कर की मात्रा को नियंत्रित करता है, जामुन के मौसम में इसके नियमित सेवन से डायबटीज के मरीज को फायदा होता है। इससे मधुमेह के मरीज को होने वाली समस्याएं जैसे बार-बार प्यास लगना और बार-बार पेशाब होना आदि में भी लाभ मिलता है। इसलिए आप प्रतिदिन 200 ग्राम जामुन का सेवन करें। जामुन की गुठली ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में बहुत अच्छी मानी जाती है। 100 ग्राम जामुन की गुठली लेकर इसे अच्छी तरह पीसकर कर पाउडर बनालें। रोज सुबह-शाम 3 ग्राम गुठली पाउडर का सेवन करें। इससे आपका मधुमेह जड़ से खत्म हो जाएगा।

2.            जामुन की गुठली और करेले को छांया में सुखाकर कुट पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को पांच ग्राम मात्रा में जल के साथ सेवन करने से मधुमेह रोग में बहुत लाभ होता है.
 

 
 

जामुन के पत्ते के फायदे मसूड़े के लिए – Jamun Ke Patte Ke Fayde In Piorrea In Hindi


1.            अगर आपको पायरिया की शिकायत है तो जामुन की गुठली में थोड़ा नमक मिलाकर इसे बारीक पीस लें। अब इस मिश्रण को रोज अपने दांतो और मसूड़ों पर मलें। इससे खून निकलना बंद हो जाएगा और आपकी पायरिया की शिकायत दूर हो जाएगी। अगर आपके मसूड़े कमजोर हैं तो जामुन के पत्तों की राख का मंजन करने से लाभ मिलता है। अगर आपके मसूड़े से खून आता है या कोई अन्य समस्या जैसे मसूड़ों में सूजन आदि है तो जामुन के कोमल पत्तों को पानी मे उबाल कर पानी से कुल्ला करने पर फायदा होता है। अगर कोई मुंह की दुर्गंध से परेशान है तो जामुन के पत्ते चबाने और उसे चूसने से आपकी दुर्गंध ख़त्म हो जाती है।
2.            जामुन के कोमल पत्तों को पानी में उबालकर छानंकर उस जल से कुल्ले करने पर मसुढों की सुजन और रक्त निकलने की विकृति नष्ट होती है।

पथरी रोग में सहायक - usefull to remove stone problem

1.            अगर किसी को पथरी की समस्या है तो जामुन की गुठली का चूर्ण बनाकर दहीं के साथ सेवन करने से पथरी धीरे-धीरे खत्म हो जाती है। जामुन खाने से भी पथरी खत्म होती है।

जामुन के फायदे लीवर की समस्या में – Jamun Juice For Liver In Hindi

1.            अगर आपको लीवर की समस्या है तो जामुन का रस पिएं। रोज सुबह-शाम जामुन के रस का सेवन करने से आपकी लीवर की समस्या ख़त्म हो जाएगी।

जामुन के नुकसान  – Jamun Ke Nuksan In Hindi

1.            ज्यादा जामुन खाने से कुछ नुकशान भी हो सकते है
2.            खली पेट जामुन खाना हो सकता है नुकशान दायक
3.            जामुन खाने के तुरंत बाद दूध नहीं पीना हानिकारक हो सकता है
4.            अधिक मात्रा में जामुन खाने से खांसी की समस्या हो सकती है और फेफड़ो पैर भी बुरा प्रभाव पद सकता है
5.            अधिक जामुन खाने से पेट मैं दर्द , बुखार आदि की समस्या हो सकती है
 

स्ट्रेच मार्क्स दूर करने के घरेलू उपाय (Stretch mark ke liye ilaj) Home Remedies to Remove Pregnancy Stretch Marks


एलोवेरा (Aloe vera )
एलोवेरा हमारे घरो में आसानी से मिल जाता है | इसके प्रयोग से स्ट्रेच मार्क्स को आसानी से हटाया जा सकता है |
एलोवेरा को कैसे प्रयोग करे
बाजार में उपलब्ध एलोवेरा जैल  की बजाये ताजा जैल  का ही प्रयोग करे जो आप गमले में पौधा लगा कर ले सकते है|
एलोवेरा की पत्तियो को बिच में से दो भागो में काट ले इसकी पत्तियो में जैल भरा होता है इस जैल  को काट कर निकाल ले |
फिर इस जैल  से  स्ट्रेच मार्क्स पर धीरे-धीरे मालिश करे, १५ मिनट की लिए लगा कर छोड़ दे| हलके गरम पानी से इसे धो दे | प्रतिदिन इसका प्रयोग करे कुछ दिनों में आपके स्ट्रेचमार्क्स काम होने लगेंगे और स्किन और भी कोमल हो जाएगी


Aloe vera
We can easly find Aloe vera   pants in our home or our kitchen garden.  Its very helpful to remove body pregnancy strachmarks.
How to Apply Aloe Vera gel
Use fresh gel rather than the one available in the market.You can extract the gel by dividing the leave in two different parts and take out the get from it.Squeeze out the gel from a fresh plant and apply it over the affected areas daily.Rub it directly over the skin, leave for 15 minutes and wash it off using lukewarm water.You must apply this gel regularly over the stretch marks.Just in a few days, you can get a beautiful and stretch free skin like always.
You will observe the stretch marks getting reduced dramatically

अंकुरित अनाज से होते है ये अदभुत लाभ (health benefits of sprouted grains)

अंकुरित अनाज से हमें भरपूर न्यूट्रियंट्स मिलती है । इसमें फाइबर बहुत अधिक मात्रा में होती है। अनाज को अंकुरित करने से  इनमें मौजूद एंजाइम्स की संख्या बढ़ जाती है और इसके सभी घटक ऐसी अवस्था में पहुँच जाते है जिससे शरीर में उनका अवशोषण जल्दी होने लगता है। अनाज को अंकुरित करने से  इनमें मौजूद एंजाइम्स की संख्या बढ़ जाती है और इसके सभी घटक ऐसी अवस्था में पहुँच जाते है जिससे शरीर में उनका अवशोषण जल्दी होने लगता है।




डाइजेशन सिस्टम में अदभुत सुधार 
अंकुरित अनाज खाने से पाचन शक्ति मजबूत होती हैं। अंकुरित अनाज में फाइबर भी अधिक मात्रा में रहता हैं। फाइबर के कारण यह आसानी से जल्द हजम हो जाते है और कब्ज और गैस की तकलीफ नहीं होती हैं।


आखो और बालो को खूबसूरत बनाता है
स्प्राउट्स में काफी मात्रा में प्रोटीन होती है जो की हमारी आखो और बालो के लिए बहुत फायदेमंद  है  

तेजी से करता है वजन काम 
अंकुरित अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होने के बावजूद भी इनमे कैलोरीज की कमी रहती हैं। मोटापा से पीड़ित व्यक्तिओ के लिए यह श्रेष्ठ आहार हैं। मोटापे से परेशान लोगो के लिए ये बहुत अच्छा आहार है इसके खाने से शरीर को भरपूत पोषक तत्व मिलते है और वजन भी नहीं बढ़ता ।

शरीर की सुंदरता को बढाता है
अंकुरित आनाज का नियमित सेवन करने से शरीर की सुंदरता बढ़ती है इससे चेहरे का तेज बढ़ता है चेहरे की झुर्रिया भी ठीक करता है

शुगर diabetic  के रोगी के लिए लाभदायक


अंकुरित अनाज कैसे बनाये How to make sproudted grain
अंकुरित करने से पहले बीजो को साफ पानी से धोना चाहिए फिर बीजो को साफ पानी में भिगो केर रख दे ताकि वो अच्छे से पानी सोख ले २४ घंटो तक भिगो कर रखे अगले दिन साफ़ पानी से धो ले और किसी साफ सूती कपडे में बांध केर रख दे २४ घंटे के अंदर बीज अंकुरित हो जायेगे अंकुरित होने पर फिर से इक बार पानी से साफ़ करले अंकुरित अनाज को आप सलाद बना कर भी खा सकते है

पपीते के फायदे ( Benefits of Papaya )


पपीता एक रसीला फल है इसको हम कच्चा या पक्का दोनों तारीखों से खा सकते है इसको हमारा शारीर आसानी से अवशोषित केर लेता है

पपीते में विटामिन A , विटामिन बी , विटामिन C  एवं  कुछ मात्रा में विटामिन D  भी पाया जाता है| ये हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है

पपीता खाने के लाभ 


1. कोलेस्ट्रॉल को काम करता है 
पपीते में फाइबर, विटामिन C  और एंटीऑक्सीडेंट काफी मात्रा में होता है जो आपके खून में कोलेस्ट्रॉल को जमने से रोकता है ज्यादा कोलेस्ट्रॉल से हार्ट की बीमारी होने का खतरा रहता है|

2. वजन कम करता है 
 जो लोग अपने वजन काम करना चाहते है वो पपीते का सेवन जरूर करे | एक पपीते में 120  कैलोरी होती है  इसमें मौजूद फाइबर आपको तारो-तजा बनाए रखती है


3. पपीता रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है 
रोग प्रतिरोधक हमारे शारीर को बहुत सी बीमारियों से बचता है रोग प्रतिरोधक को सही काम करने क लिए विटामिन C की जरुरत होती है अगर हम 1 सामान्ये आकर का पपीता कहते है तो वो हमारी दो दिन की विटामिन C  की जरुरत को पूरी कर देता है इसलिए इसको लगातार खाने से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है

मधुमेह या डायबिटीज ( diabetes ) का घरेलु उपचार



डायबिटीज एक सामान्य बीमारी है पर अगर हम इसका सही समय पर उपचार न करे तो ये भुत भयंकर रूप ले लेती है| कुछ घरेलु उपयो से और अपने खान-पान में परिवर्तन करके हम डायबिटीज से आसानी से बच सकते है  लगातार कुछ उपायों को करके आप डायबिटीज के प्रभावों से बच सकते है



1. काला जामुन:   
 ये ब्लड-शुगर को कम करने में मदद करता है और ह्रदय संबंधी बीमारियों से शरीर को दूर रखता है।

2. नीम: 
देश में प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाले नीम के पत्ते स्वाद में कडवे होते हैं पर इनमें बहुत सी खासियतें हैं।  नीम इन्सुलिन रिसेप्टर सेंसिटिविटी बढाने के साथ साथ शिराओं व धमनियों में रक्त प्रवाह को ठीक करता है और हाइपो ग्लाय्केमिक ड्रग्स पर निर्भर होने से बचाता है।
नुस्खा: बेहतर नतीजों के लिए नीम के पत्तों का जूस रोज़ सुबह खाली पेट लें।

3.ग्रीन टी: 
ग्रीन टी में पॉलीफिनोल्स होते हैं जो एक मज़बूत एंटी-ऑक्सीडेंट और हाइपो-ग्लाइसेमिक तत्व हैं, इससे ब्लड शुगर को रिलीज़ करने में मदद मिलाती है और शरीर इन्सुलिन का सही तरह से इस्तेमाल कर पाता है।

4. दालचीनी: 
ये इन्सुलिन की संवेदनशीलता को सुधारने के साथ-साथ ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को भी कम करता है। अगर सिर्फ आधी चम्मच दालचीनी रोज़ ली जाए तो इन्सुलिन की संवेदनशीलता को सुधारा और अपने वज़न को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे ह्रदय संबंधी रोगों का खतरा कम हो जाता है।
नुस्खा: लगभग एक महीने के लिए अपने रोज़ के आहार में एक ग्राम दालचीनी का इस्तेमाल करें, इससे ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद मिलेगी।

5. तुलसी के पत्ते: 
तुलसी के पत्तों में ऐन्टीआक्सिडन्ट और ज़रूरी तेल होते हैं जो इजिनॉल, मेथिल इजिनॉल और कैरियोफ़ैलिन बनता है। ये सारे तत्व मिलकर इन्सुलिन जमा करने वाली और छोड़ने वाली कोशिकाओं को ठीक से काम करने में मदद करते हैं। इससे इन्सुलिन की संवेदनशीलता बढ़ती है। एक और फ़ायदा ये है कि पत्तियों में मौजूद ऐन्टीआक्सिडन्ट  आक्सिडेटिव स्ट्रेस संबंधी कुप्रभावों को दूर करते हैं।
नुस्खा: शुगर लेवल को कम करने के लिए दो से तीन तुलसी के पत्ते खाली पेट लें, या एक टेबलस्पून तुलसी के पत्ते का जूस लें।

6. अधिक पानी का सेवन करे
मधुमेह रोगी को अधिक से अधिक पानी का सेवन करना चाहिए ऐसे समय मई वह अगर निम्बू पानी का सेवन करते  है तो ये उनकी सेहत के लिए भुत अच्छा है

7. हरी सब्जी, दाल, दही का सेवन अधिक करना चाहिए।

8. हरड़-बहेड़ा-आँवला (त्रिफला) को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर सेवन करना चाहिए इससे कब्ज भी नहीं रहेगी। उचित भोजन और शारीरिक परिश्रम से मधुमेह को ठीक किया जा सकता है।

9. अगर डायबिटीज कन्ट्रोल में नहीं हो तो केवल गेहूँ की रोटी नहीं खानी चाहिए, जौ, चना, गेहूँ (तीन किलो जौ, एक किला गेहूँ , आधा किलो चना को मिलाकर आटा पिसवा लेना चाहिए) की रोटी खानी चाहिए।

10.  टमाटर- मधुमेह के रोगी के लिए टमाटर बहुत लाभदायक है। मूत्र में शक्कर आना धीरे-धीरे कम हो जाता है। प्रमेह में भी यह उपयोगी है

11. गाजर-
गाजर का रस 310 ग्राम, पालक का रस 185 ग्राम मिलाकर नमक, जीरा डालकर पीने से मधुमेह रोग में फायदा होता है।

12. मधुमेह के रोगी नित्य जामुन खानीचाहिए।जामुन की गुठली का चूर्ण आधा चम्मच शाम को पानी के साथ लेने से शर्करा  आना ठीक हो जाता है।

13. दिन में दो बार मूली खाने से या मूली का रास पीने से  मधुमेह में लाभ होता है ।

14. मेथी दान 60 ग्राम बारीक पीस कर एक गिलास पानी में भिगो दे । इसे १२ घंटे बाद छानकर पिये। इस प्रकार  सुबह -शाम दो बार नित्य 6 सप्ताह पीने से मधुमेह ठीक हो जाता है। इसके साथ मेथी के हरे पत्तो  सब्जी भी खाए।

15. बबूल के गोंद का चूर्ण 3 ग्राम पानी के साथ अथवा गोदुग्ध के साथ दिन में 3 बार नित्य लेना चाहिये। मधुमेह के लिये यह एक लाभकारी सरल प्रयोग है।

16. बबूल की कोमल पत्तियाँ उखाड़ कर लायें और उन्हें सिल पर जल योग से पीसें। साथ ही 4.5 काली मिर्च भी डाल दें और छान कर पीवें। इससे भी मधुमेह में लाभ सम्भव है। प्रातः-सायं दोनों समय पीवें |

17. गूलर के पत्ते मधुमेह में लाभकारी हैं। उन्हें पानी के साथ सिल पर ठण्डाई के समान घोट कर पीना चाहिये। यदि कब्ज या अपच की षिकायत न हो, तो इस योग से लाभ उठाया जा सकता है।

18. गूलर का पका फल वृक्ष से तोड़कर, ताजा खाना भी हितकर है। ऊपर से ताजा पानी ही लेना चाहिए

19.  मधुमेह के मरीजों को भूख से थोड़ा कम तथा हल्का भोजन लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में खीरा नींबू निचोड़कर खाकर भूख मिटाना चाहिए।

20. मधुमेह उपचार मे शलजम का भी बहुत महत्व है । शलजम के प्रयोग से भी रक्त में स्थित शर्करा की मात्रा कम होने लगती है। इसके अतिरिक्त मधुमेह के रोगी को तरोई, लौकी, परवल, पालक, पपीता आदि का प्रयोग भी ज्यादा करना चाहिए।

21.  6 बेल पत्र , 6 नीम के पत्ते, 6 तुलसी के पत्ते, 6 बैगनबेलिया के हरे पत्ते, 3 साबुत काली मिर्च ताज़ी पत्तियाँ पीसकर खाली पेट, पानी के साथ लें और सेवन के बाद कम से कम आधा घंटा और कुछ न खाएं , इसके नियमित सेवन से भी शुगर सामान्य हो जाती है

22.  नारियल का तेल -
नारियल का तेल डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत हीं फायदेमंद होता है। नारियल के तेल में कुछ खास और दुर्लभ वसा अणु होते हैं जो आपकी कोशिकाओं को बिना इंसुलिन की मदद के आहार प्रदान करता है।

Tips for migraine headache – माइग्रेन का इलाज या आधा सिर दर्द हेतु प्राकृतिक घरेलु नुस्खे




माइग्रेन एक आम बीमारी है जो दिमाग में नर्व की सूजन से पैदा होती है। अर्धकपारी या फिर माइग्रेन एक प्रकार का सिरदर्द है।माइग्रेन किसी भी आयु में हो सकता है, कभी-कभी यह लगभग 4 से लेकर 72 घंटे तक बना रहता है। इसमें सिर के पिछले हिस्से में गर्दन के पास से लेकर पूरे सिर में बहुत भंयकर दर्द होता है। माइग्रेन किसी भी आयु में हो सकता है।

माइग्रेन होने के क्या कारण है

1.    पर्याप्त नींद न लेना माइग्रेन का बहुत बड़ा कारण है।
2.    काम पानी पीने की वजह से भी माइग्रेन हो सकता है
3.    धुप मैं घूमकर और बहुत अधिक  शारीरिक या मानसिक कार्ये करने से भी माइग्रेन की समस्या हो सकती है

माइग्रेन से बचने के उपाए

1.    भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए।
2.    नियमित काम से काम 1 घंटा प्राणायाम करे| माइग्रेन में भ्रामरी प्राणायाम लाभकारी है
भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम के दौरान सुखासन में सीधे बैठ जाएं। दोनों कानों को अंगूठों से बंद करें व मध्य की दो उंगलियों को आंखों पर रखें। अब गहरी सांस लें और धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए गले से आवाज निकालें। इस प्रक्रिया के दौरन मुंह बंद रखें और श्वास की सारी क्रिया नाक से ही करें।

3.    जिस कमरे में आप रहती हैं या जहां काम करती हैं, वहां अधिक चुंधियाने वाले प्रकाश, तेज धूप से भी माइग्रेन बढ़ता है। अत: तेज गंध वाले परफ्यूम अथवा तेज मसाले वाली गंध से बचें।  अच्छी नींद लेने और भरपूर सोने की कोशिश करें। सात-आठ घंटे की केवल बढि़या और खुशनुमा नींद आपकी माइग्रेन की समस्या को 50 प्रतिशत तक कम कर देगी।
4.    पर्याप्त नींद ले। अधूरी नींद या ज्यादा सोने से भी माइग्रेन का दर्द बढ़ सकता है।
5.    कम रोशनी में या धुंदली जगह पर काम न करे।
6.    माइग्रेन (Migraine) का दर्द होने पर दर्द वाले हिस्से पर ठन्डे पानी की पट्टी रखने से रक्त धमनियां फ़ैल जाती है और दर्द कम हो जाता है।
7.    ज्यादा देर तक भूखे न रहें। थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ ना कुछ खाते रहें। इससे बचने के लिए भोजन समय पर करना बहुत जरूरी होता है।
8.    माइग्रेन होने पर नियमित रुप से, डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं लेनी चाहिये।
9.    माइग्रेन होने पर कोशिश करे की सामान्य तापमान में रहे क्योकि अगर आप ज्यादा गर्म या ठन्डे स्थान पर रहोगे तो माइग्रेन हो सकता है
10. दालचीनी को बारीक करके पाउडर बन ले फिर दिन में 4 बार ठन्डे पानी से ले |
11.    माइग्रेन सिर दर्द शुरू होते ही जीभ की नोक पर एक चुटकी नमक रख लें और आधा मिनट बाद पानी पी लें सर दर्द गायब हो जायगा।
12.    माइग्रेन होने पर रात्रि में भारी भोजन जा करे | रात को सोने से पहले त्रिफला चूर्ण ले सकते है जितना हो सके अच्छी और लम्बी नींद ले |



अजवाइन के फायदे (Ajwain ke fayde) Ajwain Benefits



1. पेट दर्द -  होने पर अजवाइन के दाने  10 ग्राम , सोंठ 5 ग्राम और कला नमक 2 ग्राम को अच्छी तरह मिला कर रोगी को थोड़े गरम पानी में 3 ग्राम चूर्ण दिन में 4-5 बार दे तो आराम मिलता है

2. साँस लेने में फायदा - यदि अजवाइन के बीजो को भुन कर एक सूती कपड़े में लपेट लिया जाए और रात को तकिये के नज़दीक रखा जाए तो दमा, सर्दी और खाँसी के रोगियो को रात में नींद के समय साँस लेने में तखलीफ नही होती हैं

3. माइग्रएन - के रोगियो को अर्बॅल जानकार अजवाइन का धूआ लेने की सलाह देते हैं. वैसे, अजवाइन को पीस कर माथे पर लगाया जाए तो सीर दर्द में आराम मिलता हैं.

4. रात की खासी - जिन्हे रात में अधिक खाँसी होती हो, उन्हे पॅयन में अजवाइन डाल कर खाना चाहिए. अदरक के रस में तोड़ा सा अजवाइन का चूरन मिला कर लेने से खाँसी में तुरंत आराम मिलता हैं.

5. असिडिटी - होने पर 1/2 चम्मच कच्चा जीरा और 1/2 चम्मच बगैर भूनी अजवाइन को लेने से तेज़ी के साथ आराम मिलता हैं. ऐसा हर 4 घंटे के अंतराल पर किया जाना चाहिए.

6. गठिया के रोगी को अजवाइन के चूरना की पोटली बनाकर सेकने से रोगी को दर्द मे आराम पहुचता है. अजवाइन का रस आधा कप मे पानी मिलकर आधा स्पून पीसी ड्राइ जिनजर लेकर इससे पीले. इससे गठिया का रोग ठीक हो जाता है.

7.  खाँसी अजवाइन के रस मे एक चुटकी कला नमक मिलकर सेवन करे. और उपर
से गर्म पानी पी ले. इससे खाँसी बंद हो जाती है.

8.  बिस्तर पर पेशाब - जिन्न बाकछे को रात मे पेशाब करने की आदत होती है. उन्हे रात मे लगभग आधा ग्राम अजवाइन खिलाए.

9. मसूडो का रोग - अजवाइन को भुन कर और पीसकर मंजन बना ले. इससे ब्रश करने से मसूडो के रोग मिट जाते है.

10.  खट्टी डकारे आना - अजवाइन, सेंधा नमक, हींग और सूखे अमला का चूरना को बराबर मात्रा मे लेकर अच्छी तरह पीसकर चूरना बना ले. इ चूरना को 1 गम की मात्रा मे सुयबह और शाम शहद के साथ चाटने से खट्टी डकारे आना बंद हो जाती है.

11. खट्टी डकारे - अब 1 ग्राम चूर्ण लेकर उसको सहद के साथ सुबह श्याम  चाटने से खट्टी डकारे आना बंद हो जाती है

हींग के फायदे (Hing ke fayde) Benefits of Hing




हींग फेरूला-फोइटिडा नाम के पौधे का रस है। इस पौधे के रस को सुखाकर हींग बनाया जाता है  इसके पौधे 2 से 4 फीट तक ऊंचे होते हैं। ये पौधे विशेष रूप से ईरान, अफगानिस्तान, तुर्कीस्तान, बलूचिस्तान, काबुल और खुरासान के पहाड़ी क्षेत्रों में होते हैं।

1. माइग्रेन की समस्या में आराम लेने के लिए हींग को पानी में घोलकर उसकी कुछ बूंदें रोजाना नाक में डालें।

2. हींग को पानी में घोलकर नाभि के आसपास लगाने से या घी में भुनी हींग शहद में मिलाकर खाने से पेट दर्द में लाभ होता है।

3.खाने में हींग के रोज सेवन से महिलाओं के गर्भाशय का संकुचन होता है और मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियां दूर हो जाती हैं।

4. सिरदर्द होने पर हींग को गर्म करके उसका लेप लगाने से फायदा होता है। 

5. पेट में कीड़े हो जाने पर हींग को पानी में घोलकर एनिमा लेने से पेट के कीड़े शीघ्र निकल आते हैं।

6. कब्ज होने पर हींग के चूर्ण में थोडा सा मीठा सोडा मिलाकर रात में सोने से पहले लीजिए। इससे पेट साफ हो जाएगा।

7. बवासीर की समस्या पर हींग का प्रयोग करना फायदेमंद होता है। बवासीर होने पर हींग का लेप लगाने से बवासीर में आराम मिलता है।

8. कांटा चुभने पर उस स्थान पर हींग का घोल भर दीजिए। इससे पीड़ा भी समाप्त होगी और कांटा अपने आप निकल जाएगा। 

9. दांत में कीड़ा लग जाने पर रात में सोते वक्त दांतों में हींग दबाकर साएं। ऐसा करने से कीडे अपने-आप निकल जाएंगे। 

10. हींग को पानी में उबालकर कुल्ला करने से भी दांतों के दर्द से राहत मिलती है।

11. अगर आपका गला बैठ गया है तो हींग को उबले हुए पानी में घोल लें और इस पानी से गरारे करें। ऐसा दिन में 2-3 बार करें, आपका गला ठीक हो जाएगा।



नीम के खास फायदे (Benefits of Neem )



नीम में इतने गुण हैं कि ये कई तरह के रोगों के इलाज में काम आता है। यहाँ तक कि इसको भारत में ‘गांव का दवाखाना’ कहा जाता है। यह अपने औषधीय गुणों की वजह से आयुर्वेदिक मेडिसिन में पिछले चार हजार सालों से भी ज्यादा समय से इस्तेमाल हो रहा है। नीम को संस्कृत में ‘अरिष्ट’ भी कहा जाता है, जिसका मतलब होता है, ‘श्रेष्ठ, पूर्ण और कभी खराब न होने वाला।’

1. मधुमेह से बचाए
डाइयबिटीस एक खरतनाक बीमारी हैं और अनियमित दिनचर्या के कारण इसके मरीज़ो की संख्या लगातार बढ़ रही हैं.  ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ने से डाइयबिटीस की बीमारी होती हैं. अगर आप रोजाना नीम का जूस पिएँगे तो आपके ब्लड का शुगर लेवेल नही बढ़ेगा और मधुमेह जैसी बीमारी नही होगी. मधुमेह के रोगी भी नीम का जूस पीकर अपने ब्लड शुगर लेवेल को नॉर्मल कर सकते हैं.

2. खून सॉफ करे
 अगर किसी व्यक्ति का खून सॉफ ना हो , तो इसके कारण कई प्रकार की प्रॉब्लम्स होने लगती हैं. शरीर की इम्यूनिटी पावर कमजोर हो जाती हैं और बीमारियो के इन्फेक्षन होने का ख़तरा काफ़ी बढ़ जाता हैं. नीम का पानी एक रक्ताषोधक औषधि हैं. साथ ही कुछ समय तक लगातार नीम के पानी के सेवन से फोड़े-फुंसियो और स्किन से संबधित बीमारियो से छुटकारा मिलता हैं. 

3.एलर्जी के लिए नीम
नीम के पत्तों को पीस कर पेस्ट बना लें, उसकी छोटी-सी गोली बना कर सुबह-सुबह खाली पेट शहद में डुबा कर निगल लें। उसके एक घंटे बाद तक कुछ भी न खाएं, जिससे नीम ठीक तरह से आपके सिस्टम से गुजर सके। यह हर प्रकार की एलर्जी – त्वचा की, किसी भोजन से होनेवाली, या किसी और तरह की – में फायदा करता है। आप सारी जिंदगी यह ले सकते हैं, इससे कोई नुकसान नहीं होगा। नीम के छोटे-छोटे कोमल पत्ते थोड़े कम कड़वे होते हैं, वैसे किसी भी तरह के ताजा, हरे पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

आंवले के औषधीय गुण ( Benefits of Amla )


आंवला में फल और औषधि दोनों के गुण उपस्थित होते हैं। आयुर्वेद ने इसे 'अमृतफल' कहा है। आयुर्वेंद में इसका बहुत ही महत्व है। खाने में आंवला कड़वा, मधुर, एवं शीतल है। यह अपने कड़वेपन के कारण कफ एवं गैस को खत्म करता है और मधुरता व शीतलता के कारण पित्तनाशक है अत: यह त्रिदोषनाशक है।

1)   आंवले  के अन्दर विटामिन `C´  भरपूर मात्रा में पायी      जाता है। इसकी खास बात यह है कि इसके विटामिन गर्म करने और सुखाने से भी खत्म      नहीं होते।

2)  आंवला  हमारे दांतों और मसूढ़ों को स्वस्थ और मजबूत बनाता है एवं तन-मन को फुर्तीला      बनाता है। नर्वस सिस्टम (स्नायु रोग), हृदय की बेचैनी, धड़कन, मोटापा, जिगर, ब्लडप्रेशर, दाद, प्रदर, गर्भाशय दुर्बलता, नपुसंकता, चर्म रोग, मूत्ररोग एवं हडिड्यों आदि के रोगों में आंवला बहुत उपयोगी होता है। जिगर की दुर्बलता, पीलिया को खत्म करने में आंवला को शहद के साथ मिलाकर खाने से लाभ मिलता है और यह टॉनिक का काम करता है।

3)   आंवला  को रस के रूप में, चटनी  के रूप में या इसके चूर्ण को पानी के साथ ले सकते हैं।

4)   कोलेस्ट्रॉल-
 रोज सुबह खाली पेट एक चम्मच आँवले का पावडर पानी में घोलकर पी लें। इससे रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर स्थिर रहता है।

5)    मधुमेह (डायबिटीज)-
मधुमेह तब होती है जब पैंक्रियाज ग्रंथि रक्त शर्करा के स्तर को नियमित रखने में असफल हो जाती है। यदि आपको मधुमेह ने घेर रखा है तो आप आँवले के गुणकारी एंटीऑक्सीडेंट्स पर भरोसा रख सकते हैं।

6)  नेत्र रोग  -
प्रतिदिन एक बड़ा चम्‍मच आँवले का रस शहद के साथ मिलाकर चाटने से मोतियाबिन्‍द में लाभ होता है।आँवले का रस पीने से नेत्र ज्योति बढ़ती है।

 7.) एसिडिटी
आधुनिक जीवनशैली की एक और देन है एसिडिटी। हममें से सभी कभी न कभी इसके शिकार हुए हैं। तीव्र या असाध्य एसिडिटी हो तो एक ग्राम आँवले का पावडर दूध या पानी में शक्कर के साथ मिलाकर दोनों समय पिएँ।


8)  नकसीर के लिए
यदि नाक से खून निकल रहा है तो आंवले को बारीक पीसकर बकरी के दूध में मिलाकर सिर और मस्तिक पर लेप लगाइए। इससे नाक से खून निकलना बंद हो जाएगा।

9)  दिल के मरीज
आंवला खाने से दिल मजबूत होता है। दिल के मरीज हर रोज कम से कम तीन आंवले का सेवन करें। इससे दिल की बीमारी दूर होगी। दिल के मरीज मुरब्बा भी खा सकते हैं।

10)  खांसी और बलगम
खांसी आने पर दिन में तीन बार आंवले का मुरब्बा गाय के दूध के साथ खाएं। अगर ज्यादा तेज खांसी आ रही हो तो आंवले को शहद में मिलाकर खाने से खांसी ठीक हो जाती है।

11)   पेशाब में जलन
यदि पेशाब करने में जलन हो तो हरे आंवले का रस शहद में मिलाकर सेवन कीजिए। इससे जलन समाप्त होगी ओर पेशाब साफ आएगा।

12)  पथरी के लिए
पथरी की शिकायत होने पर सूखे आंवले के चूर्ण को मूली के रस में मिलाकर 40 दिन तक सेवन कीजिए। इससे पथरी समाप्त हो जाएगी।







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